SIP Investment लंबे समय तक वेल्थ क्रिएशन के लिए एक शानदार तरीका माना जाता है। लेकिन अगर निवेश सही प्लानिंग के बिना किया जाए, तो यह आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है।
कई निवेशक जल्दबाजी या गलतफहमी के कारण ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका पूरा फाइनेंशियल प्लान गड़बड़ा जाता है। अगर आप भी SIP Investment में करोड़ों कमाने का सपना देख रहे हैं, तो इन 6 गलतियों से जरूर बचें।
बिना सोचे-समझे निवेश करना
“भैया, SIP कर लो, फ्यूचर सिक्योर हो जाएगा!” – इस तरह की बातें सुनकर बिना रिसर्च किए पैसा लगाना सही नहीं है। हर व्यक्ति की फाइनेंशियल कैपेसिटी और गोल्स अलग होते हैं। इसलिए, बिना सही प्लानिंग के SIP Investment करना वैसा ही है जैसे बिना सीट बेल्ट लगाए कार चलाना।
अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन न करना
अगर आप अपनी महीने की EMI, बच्चों की फीस और दूसरे खर्चों का आकलन किए बिना SIP शुरू कर रहे हैं, तो यह भारी पड़ सकता है। यह न हो कि कुछ महीनों बाद ही फाइनेंशियल प्रेशर के कारण आपको अपनी SIP रोकनी पड़े। पहले अपनी आर्थिक स्थिति को समझें और फिर निवेश करें।
बीच में ही SIP बंद कर देना
SIP कोई इंस्टेंट नूडल्स नहीं है, जिसमें तुरंत रिजल्ट मिले। अगर मार्केट गिरता है और आप घबरा कर SIP बंद कर देते हैं, तो यह आपके लॉन्ग-टर्म फायदों पर असर डाल सकता है। मार्केट में गिरावट का फायदा उठाकर सस्ते में यूनिट्स खरीदने का यह सही मौका होता है। इसलिए, धैर्य रखें और निवेश जारी रखें।
निवेश में विविधता न रखना
अगर आपने अपनी पूरी पूंजी सिर्फ एक ही म्यूचुअल फंड में लगा दी, तो यह बहुत बड़ी गलती है। SIP पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना बेहद जरूरी है। लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप और डेब्ट फंड का संतुलन बनाएं, ताकि रिस्क कम हो और बेहतर रिटर्न मिल सके।
फंड के खर्चों पर ध्यान न देना
हर फंड फ्री में नहीं चलता! SIP में एक्सपेंस रेश्यो (Expense Ratio) यानी फंड मैनेजमेंट फीस भी होती है। अगर आपने ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो वाले फंड में निवेश किया है, तो यह आपके रिटर्न पर सीधा असर डालेगा। हमेशा ऐसे फंड चुनें जिनकी फीस कम हो, ताकि आपको ज्यादा फायदा मिले।
पोर्टफोलियो का समय-समय पर रिव्यू न करना
SIP शुरू करके भूल जाना सही तरीका नहीं है। हर साल या दो साल में एक बार अपने पोर्टफोलियो का रिव्यू जरूर करें। अगर कोई फंड अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा, तो उसे बदलने का समय आ सकता है। सही रणनीति अपनाकर ही SIP से वेल्थ क्रिएशन संभव है।
तो अब क्या करें निवेशक
- बिना प्लानिंग के SIP Investment शुरू न करें।
- मार्केट में गिरावट से घबराकर SIP बंद न करें।
- अपने पोर्टफोलियो को समय-समय पर रिव्यू करें।
- फंड्स का एक्सपेंस रेश्यो जरूर चेक करें।
- SIP पोर्टफोलियो को सही तरीके से डायवर्सिफाई करें।
अगर इन गलतियों से बचा जाए तो SIP एक मजबूत फाइनेंशियल टूल साबित हो सकता है और लॉन्ग टर्म में करोड़ों का फायदा दे सकता है।