New Rules from 1st April: 1 अप्रैल 2025 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है, और इसके साथ ही कई अहम बदलाव भी लागू होंगे। ये बदलाव इनकम टैक्स, बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट, पेंशन योजनाओं, जीएसटी और सेबी से जुड़े हुए हैं। जानिए New Rules from 1st April के तहत कौन-कौन से नए नियम प्रभावी होंगे और ये आपको कैसे प्रभावित करेंगे।
1. नया इनकम टैक्स स्लैब लागू
इस साल के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए इनकम टैक्स स्लैब की घोषणा की थी, जो 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा।
12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
नौकरीपेशा लोगों को 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा।
इसका मतलब यह है कि 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
2. बैंकिंग नियमों में बदलाव
न्यूनतम बैलेंस नियम: एसबीआई, पीएनबी और केनरा बैंक सहित कई बैंकों ने अपने न्यूनतम बैलेंस से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अगर आपके खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं है, तो आपको दंड देना पड़ सकता है।
एटीएम ट्रांजैक्शन महंगे: अब किसी अन्य बैंक के एटीएम से हर महीने केवल तीन बार ही फ्री में पैसे निकाल पाएंगे। इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर 20-25 रुपये का शुल्क लगेगा।
3. नए जीएसटी नियम लागू
जीएसटी पोर्टल पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) लागू किया जाएगा, जिससे करदाताओं की सुरक्षा बढ़ेगी।
ई-वे बिल अब केवल 180 दिनों से कम पुराने दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया जा सकेगा।
प्रमोटरों और निदेशकों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए जीएसटी सुविधा केंद्र पर जाना होगा।
4. पेंशन योजना में बड़ा बदलाव
केंद्र सरकार की एकीकृत पेंशन योजना (UPS) 1 अप्रैल से लागू होगी।
जिन कर्मचारियों ने 25 साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50% के बराबर पेंशन मिलेगी।
यह योजना केंद्र सरकार के करीब 23 लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगी।
5. UPI भुगतान के नए नियम
यदि आपका मोबाइल नंबर यूपीआई से जुड़ा हुआ है और आपने इसे लंबे समय से अपडेट नहीं किया है, तो आपकी यूपीआई सेवाएं बंद की जा सकती हैं।
बैंक और थर्ड-पार्टी यूपीआई प्रदाता (PhonePe, Google Pay आदि) निष्क्रिय मोबाइल नंबरों को हटाने के लिए नए नियमों का पालन करेंगे।
टेलीकॉम विभाग के अनुसार, यदि किसी मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक उपयोग नहीं किया गया है, तो वह किसी अन्य ग्राहक को आवंटित किया जा सकता है।
6. सेबी के नए नियम
सेबी ने “विशेष निवेश कोष” (SIF) लॉन्च किया है, जो म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के बीच होगा। इसमें न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश करना अनिवार्य होगा।
कई क्रेडिट कार्ड कंपनियों ने अपने रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया है।
निष्कर्ष
New Rules from 1st April के तहत लागू हो रहे ये नए नियम आम जनता, करदाताओं, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर आप भी इन बदलावों से प्रभावित हो सकते हैं, तो पहले से तैयार रहें और आवश्यक अपडेट जल्द से जल्द कर लें।